Monday, 21 May 2012

Ek ladki duffer si...

थोड़ी पागल, थोड़ी बेवक़ूफ़, 
थोड़ी नादान, थोड़ी समझदार 

कभी एक दोस्त सी, 
तो कभी दुश्मन से भी भयंकर, 
कभी एकदम प्यारी सी और कभी, 
बस पूछो ही मत 

कभी तो इतना बोलती है, 
की दिन से रात हो जाये, 
और कभी यूँही गुमसुम, 
जैसे न जाने कब रो जाए

कभी कभी अपनी बकवास से, 
मुझे हर समय  पकाती है, 
कभी कभी जब उदास सा रहूँ, 
तो मुझे  हँसाती रह जाती है 

कभी कभी तो पीछे सी पड़ जाती है, 
और जब थोड़े दिन बात न हो, 
तो क्या बताऊँ उसकी कितनी याद आती है 

फिर भी वो झल्ली मुझसे पूछती है, Did you miss me? 

(Duffer) 

1 comment:

  1. Wow.
    This somehow reminded me of ek ladki thi deewani si, wala scene.
    I love how you manage to write so beautifully!
    :]

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